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Basics of Futures Trading

हम अक्सर शेयर बाजार में Future Trending के बारे में सुनते हैं। लेकिन कुछ निवेशक है जो Future Trending करना तो चाहते हैं लेकिन वह सबसे पहले basics of futures trading को समझना चाहते हैं ताकि वे सही तरीके से ट्रेडिंग करके लाभ कमा पाएँ। 

तो आइये आज के इस लेख में हम basics of futures trading के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। जी हां दोस्तों, आज के इस लेख में हम Future Trending के बारे में जानेंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि Future Trending कैसे करते हैं और फ्यूचर और ऑप्शन में अंतर क्या है? आइए बिना देरी के लेख को शुरू करते हैं। 

Future Trending क्या है? | Basics of futures trading

Future Trending एक प्रकार का डेरिवेटिव कांट्रैक्ट होता है। जिसमें Investors भविष्य के लिए एक निश्चित मूल्य और एक निश्चित तारीख पर स्टॉक का व्यापार करने के लिए पार्टियों को एक साथ लाते हैं।

यहां पर Investors डायरेक्ट शेयर करें खरीदने के बजाय कुछ समय पहले ही स्टॉक के प्राइस का अनुमान लगाकर एक निश्चित तिथि के लिए शेयर के लॉट खरीद लेते हैं। 

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उस निश्चित तिथि की समाप्ति पर बाजार में चल रहे शेयर प्राइस के बावजूद वे पिछले शेयर प्राइस पर Shares को खरीद कर आज की प्राइस पर बेच सकते हैं। 

यहां पर Future Trending में Investors कुछ फिजिकल कमोडिटीज और अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट की खरीद एवं बिक्री करते हैं। Future Trending का उपयोग सट्टा या हेजिंग के लिए किया जा सकता है। Investors जिस मार्केट में Future Trending करते हैं उसे फ्यूचर मार्केट कहा जाता है।

Future Trending का उदाहरण 

फ्युचर ट्रेडिंग की परिभाषा को जान लेने के बाद आइए Future Trending Example के माध्यम से समझते हैं।

Future Trending दो तरह से किया जा सकता है जिसमें Call Option और Put Option शामिल होता है। जब हम Future Trending करते समय Stocks को खरीदते हैं तो वह कॉल ऑप्शन कहलाता है और जब हम Future Trending में Stocks भेजते हैं तो वह पुट ऑप्शन कहलाता है।

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अब मान लीजिए कि आपने Analytics के माध्यम से यह पहचान लिया कि भविष्य में एक महीने बाद रिलायंस कंपनी के शेयर ₹2000 से बढ़कर ₹2020 हो जाएंगे। तो इसलिए आप रिलायंस कंपनी के 1500 शेयर ₹2000 में खरीदना चाहते हैं। 

तो, यहां पर आप सब Future Trending कर सकते हैं। यहां पर आपको ब्रोकर Future Trending करने का ऑप्शन देता है। जहां पर आप रिलायंस कंपनी के शेयरों का एक लॉट खरीद लेंगे जिसमें 1500 शेयर शामिल होंगे। 

आपको इसी समय शेयरों की कीमत को चुकाने की जरूरत नहीं होगी। आपको केवल अपने ब्रोकर को यह बताना है कि आप 1 महीने बाद इसे शेयर को आज की शेयर प्राइस पर खरीद कर बेचेंगे। तो इस तरह यहां पर आपको एक निश्चित तिथि और निश्चित मूल्य सेट करना होगा।

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अब अगर मार्केट आपके हिसाब से चलता है और रिलायंस कंपनी के शेयर ₹2000 से बढ़कर ₹2020 हो जाते हैं तो आप तुरंत ही ब्रोकर से उन 1500 शेयरों को ₹2000 प्रति शेयर के हिसाब से खरीद कर तुरंत ही उसे ₹2020 में बेच देंगे जिससे कि आपको काफी ज्यादा मुनाफा मिलेगा।

लेकिन यहां पर नकारात्मक चीज यह होगी कि अगर रिलायंस कंपनी के शेयर बढ़ने की बजाय ₹1990 पर घट जाते हैं तो आपको यहां पर काफी ज्यादा Loss अभी हो जाएगा। क्योंकि आप को दिए गए निश्चित तिथि पर ₹2000 के मूल्य पर ही Shares को खरीदना होगा और ₹1990 प्रति शेयर के मूल्य के हिसाब से Shares को बेचना होगा। 

फ्यूचर मार्केट कितने प्रकार के होते है? 

Future Trending कई प्रकार के होते हैं। जैसे –

Financial Future 

Financial Future Trending में इंडेक्स कॉन्ट्रैक्ट और इंटरेस्ट रेट कॉन्ट्रैक्ट शामिल होता है। जिसमें की Investors को इंडेक्स कॉन्ट्रैक्ट में इंडेक्स वैल्यू के लिए ट्रेडिंग करते हैं और Debt Contract के लिए Investors एक विशेष Debt Instrument की इंटरेस्ट रेट के लिए ट्रेडिंग करते हैं।

Currency Future

करेंसी फ्यूचर भी एक तरह का कॉन्ट्रैक्ट होता है जहां पर Investors रियल या वर्चुअल करेंसी पर एक्सचेंज रेट में दांव लगाते हैं।

Energy Futures

Energy Futures एक ऐसा अनुबंध होता है जहां पर Investors किसी भी प्रकार के बिजनेस साथ ही सरकार क्या किसी व्यक्ति द्वारा उपयोग की जाने वाली सामान्य Energy Items पर भी ट्रेडिंग कर सकते हैं।

Metal Futures

मेटल फ्यूचर एक ऐसा कॉन्ट्रैक्ट है जहां पर Investors को किसी विशेष धातुओं पर ट्रेडिंग करने की अनुमति दी जाती है। यह एक ऐसे धातु होते हैं जो कंपनियों द्वारा उपयोग में लाया जाते हैं। जैसे – कंप्यूटर्स के लिए सोना या आवास के लिए स्टील इत्यादि। 

Livestock Futures

लाइव स्टॉक फ्यूचर एक ऐसा कॉन्ट्रैक्ट है जहां पर आपको Animals की कीमत पर ट्रेडिंग करने का मौका मिलता है। 

Grain Futures

ग्रैन फ्यूचर अनुबंध में Investors पशुओं के चारा या कुछ अन्य प्रोडक्ट पर ट्रेडिंग कर सकते हैं।

Food and Fiber Futures

फूड एंड फाइबर फ्यूचर में निवेशकों को किसी विशेष कृषि उत्पाद जैसे सॉफ्ट्स में या डेयरी के उत्पादों में ट्रेडिंग करने की अनुमति मिलती है।

Future और Option में अंतर

Basics of Future Trending के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेने के पश्चात आइए जानते हैं कि Option Trading क्या है और फ्यूचर और ऑप्शन में क्या अंतर है।

मूल्यों का भुगतान करना 

Future contract इन्वेस्टर को एक निश्चित मूल्य पर किसी वस्तु को खरीदने का अनुबंध करना पड़ता है। जिसमें की निवेशकों को किसी तरह का अमाउंट नहीं देना पड़ता।

इसके विपरीत Option Trading में भी Investors एक निश्चित तिथि पर एक निश्चित मूल्य पर किसी स्टॉक को खरीदने का अनुबंध करता है। जिसमें की Investors को उसे स्टॉक के लिए कुछ प्रीमियम अमाउंट भी अदा करना पड़ता है।

अंतिम तिथि पर संपत्ति खरीदना या बेचना 

फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत अनुबंध की समाप्ति तिथि पर इन्वेस्टर को तय किए गए मूल्य पर संपत्ति को खरीदना या बेचना पड़ता है।

जबकि Option Trading में यदि Investors देख रहा हो कि उसे Loss होने वाला है तो वह अनुबंध की समाप्ति तिथि पर तय किए गए मूल्य पर संपत्ति या स्टॉक को खरीदने या बेचने के लिए बाध्य नहीं है। 

नुकसान 

Future Trending में निवेशकों को Loss होने पर भी स्टॉक को उसी मूल्य पर खरीदना पड़ता है और बेचना पड़ता है जिससे कि Investors ज्यादा नुकसान का वाहन करता है।

इसके विपरीत Option Trading में निवेशकों को केवल प्रीमियम अमाउंट का ही भुगतान करना पड़ता है और केवल प्रीमियम अमाउंट का ही नुकसान झेलना पड़ता है। 

यहां पर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले के समय में Future Trending और Option Trading अलग-अलग होते थे लेकिन अब Future Trending और Option Trading को एक साथ जोड़ दिया गया है। जिसे हम F&O Trading के नाम से भी जानते हैं। 

FAQ’s 

Q. Future Trending कैसे की जाती है?

Ans- Future Trending में आपको एक एग्रीमेंट साइन करना पड़ता है जहां पर आप ब्रोकर के साथ यह कॉन्ट्रैक्ट करते हैं कि आप इन शेयरों को एक निश्चित तिथि पर एक निश्चित मूल्य पर खरीदे गए या बेचेंगे।

Q. F&O क्या है और यह कैसे काम करता है?

Ans- F&o को हम फ्यूचर एंड Option Trading कहते हैं। जहां पर Investors किसी कंपनी के Shares के भविष्य के मूल्य का अनुमान लगाता है और ब्रोकर के साथ एक Derivative Contract Sign करता है। 

जहां पर इन्वेस्टर ब्रोकर से यह कहता है कि वह एक निश्चित तिथि पर एक निश्चित मूल्य पर इन Stocks को खरीदेगा या बेचेगा। 

Q. 1 लॉट में कितने शेयर होते हैं।

Ans- एक लॉट में 1500 शेयर शामिल होते हैं।

Q. Future में trade करने के लिए कितना पैसा चाहिए?

Ans- फ्यूचर्स में ट्रेड करने के लिए आपको तुरंत कोई भी मूल्य भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती है। आपने जो एक तिथि निश्चित की है आपको उस निश्चित तिथि पर ही भुगतान करने की जरूरत होगी।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में अपने Basics of Future Trending के बारे में जानकारी प्राप्त की है। उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आपको Future Trending के बारे में सभी जानकारियां मिल पाएंगे। 

यदि आप Future Trending से संबंधित और भी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो कृपया हमें कमेंट करके जरूर बताएं। जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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